जांजगीर-चांपा, 21 जनवरी 2026 जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद ...
जांजगीर-चांपा, 21 जनवरी 2026 जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिले के समग्र विकास, पंचायतों की कार्यप्रणाली, निर्माण कार्यों की प्रगति तथा शासन की विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में पूर्व बैठक में पारित प्रस्तावों के पालन प्रतिवेदन पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष गगन कुमार जयपुरिया, जिला पंचायत समिति के सभापति एवं सदस्य प्रियंका सिंह क्षत्री, प्रियंका सिंह क्षत्री, संतोषी सिंह रात्रे, प्रीति दिव्य, प्रमिला साहू, महादेव नेताम, उर्मिला यादव, बबीता रात्रे,उमा राजेन्द्र राठौर,मोहन कुमारी साहू,आशा साव, लोकेश राठौर सहित सांसद, विधायक प्रतिनिधि, जनपद पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे, उप संचालक अभिमन्यु साहू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जिले में धान खरीदी के साथ-साथ उठाव एवं परिवहन की व्यवस्था संतोषजनक रही, जिससे उपार्जन केंद्रों में धान का अनावश्यक भंडारण नहीं हुआ और किसानों को समय पर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी। जिला प्रशासन की सतर्क निगरानी, विभागीय समन्वय और निरंतर समीक्षा के कारण जिले में धान उठाव-परिवहन व्यवस्था बेहतर रूप से संचालित हुई, जिससे किसानों में संतोष और भरोसा बना रहा। बैठक में सदस्यो ने कहा कि अवैध तरीके से धान परिवहन पर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। उपार्जन केंद्रों में प्राप्त शिकायतों के आधार पर की गई कार्यवाही की जानकारी दी गई तथा शिकायत मिलने पर नियमित एवं त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। जिले में संचालित बुनकर समितियों को शासन की योजनाओं के तहत मिले लाभों की विस्तृत समीक्षा की गई। हथकरघा विभाग के माध्यम से किन-किन बुनकर समितियों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त हुआ है, उसकी योजनावार एवं समितिवार जानकारी दी गई।
बैठक में पंचायत क्षेत्र में संचालित समस्त राइस मिलों की पर्यावरणीय स्वीकृति को लेकर विशेष चर्चा की गई और सभी राइस मिलों की पर्यावरणीय अनुमति पत्र, निर्धारित नियम एवं शर्तों सहित पर्यावरण ऑडिट रिपोर्ट की छायाप्रति अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए, ताकि पर्यावरणीय मानकों के पालन की गहन समीक्षा की जा सके। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत स्वीकृत समस्त योजनाओं से संचालित निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्यों ने चर्चा की। बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी जारी निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति रिपोर्ट योजनावार एवं ग्राम पंचायतवार तैयार कर प्रस्तुत की जाए, जिससे प्रत्येक कार्य की वास्तविक प्रगति की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध हो सके। बैठक में मत्स्य पालन हेतु दिए गए तालाब पट्टों की गहन जांच के निर्देश दिए गए। जिले के सभी ऐसे तालाब, जिन्हें समितियों को मत्स्य पालन के लिए पट्टे पर दिया गया है, उनकी विगत 05 वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए। सदस्यों ने कहा कि मत्स्य पालन पट्टों में पारदर्शिता और नियमों के पालन को सुनिश्चित करना आवश्यक है।
जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी की अध्यक्षता में जिला पंचायत की सामान्य प्रशासन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत के विकास कार्यों, प्रशासनिक व्यवस्था, विभिन्न विभागों की प्रगति रिपोर्ट एवं आगामी योजनाओं की समीक्षा की गई। अध्यक्ष द्वारा सभी विभागीय अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने, योजनाओं के समय-सीमा में क्रियान्वयन तथा जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिले की नहरों की साफ-सफाई, मरम्मत एवं नियमित रखरखाव को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। जिपं सदस्यों ने कहा कि जिन गांवों में राशन दुकान का संचालन नहीं किया जा रहा है वहां सर्वे के आधार पर नई राशन दुकान खोला जाए इसके साथ ही राशन दुकान के संचालन में शिकायत मिलने संबंधित कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
बैठक में निर्देश दिए गए कि स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत गठित जीवन दीप समितियों की नियमित बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सके। अनावश्यक रूप से किए गए कर्मचारियों के संलग्नीकरण को तत्काल निरस्त करने के निर्देश दिए गए। अध्यक्ष ने कहा कि अधिकारी एवं कर्मचारी बैठक में समय पर उपस्थित रहें और जो अधिकारी अनुपस्थित पाए गए, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। जिन स्थानों पर बोर खनन के बाद खुले बोर छोड़े गए हैं, उन्हें तत्काल बंद किया जाए। नल-जल योजना के तहत स्थापित संरचनाओं को शीघ्र क्रियाशील किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी सत्यलता आनंद मिरी ने अधिकारियों से कहा विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी जी रामजी योजना) ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है। योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और आजीविका को मजबूती मिलेगी। परिवारों को 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, कृषि, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही मजदूरी भुगतान को समयबद्ध एवं पारदर्शी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस योजना से 2047 तक विकसित भारत के संकल्प की ओर बड़ा कदम होगा। जिला पंचायत अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक अंतिम व्यक्ति तक इसका लाभ दिलाएं।

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