नई दिल्ली। श्रीलंका में दित्वाह तूफान से अब तक 69 लोगों की जान जा चुकी है और 34 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस बीच भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु क...
नई दिल्ली। श्रीलंका में दित्वाह तूफान से अब तक 69 लोगों की जान जा चुकी है और 34 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस बीच भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत 12 टन राहत सामग्री श्रीलंका भेजी। शनिवार को भारतीय वायुसेना का विमान कोलंबो में उतरा। भारत ने तूफान से प्रभावित लोगों के लिए टेंट, तिरपाल, कंबल, हाइजीन किट और रेडी-टू-इट भोजन भेजा है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “ऑपरेशन सागर बंधु शुरू हो गया है। इंडियन एयर फोर्स का सी-130जे प्लेन लगभग 12 टन मानवीय मदद लेकर कोलंबो पहुंचा है, जिसमें टेंट, तिरपाल, कंबल, हाइजीन किट और खाने के लिए तैयार खाने की चीजें शामिल हैं।”इससे पहले शुक्रवार को भी भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका के लिए मदद भेजी थी।
श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त ने एक्स पर पोस्ट किया, “ऑपरेशन सागर बंधु चल रहा है, जो दित्वाह तूफान के बाद श्रीलंका को तुरंत मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) दे रहा है। भारत ने दित्वाह के बाद श्रीलंका को तुरंत एचएडीआर सपोर्ट दिया। भारत ने प्रभावित परिवारों की मदद के लिए इंडियन नेवल शिप (आईएनएस) विक्रांत और आईएनएस उदयगिरी से 4.5 टन सूखा राशन, 2 टन ताजा राशन और दूसरी जरूरी राहत चीजें दी हैं। इस मुश्किल समय में, भारत श्रीलंका के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है और नेबरहुड फर्स्ट नीति के प्रति अपनी कमिटमेंट को फिर से दिखाता है।”
इससे पहले पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा था, “श्रीलंका के उन लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है जिन्होंने तूफान दित्वाह की वजह से अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं सभी प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, पुनर्वास और घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।”
उन्होंने कहा था, “अपने सबसे करीबी समुद्री पड़ोसी के साथ एकजुटता दिखाते हुए भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत तुरंत राहत सामग्री और जरूरी एचएडीआर सपोर्ट भेजा है। जैसे-जैसे हालात बदलेंगे, हम और मदद देने के लिए तैयार हैं। भारत की नेबरहुड फर्स्ट नीति और विजन महासागर के हिसाब से भारत जरूरत के समय में श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है।

No comments