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कलेक्टर मैदानी स्तर पर बेसिक एडमिनिस्ट्रेशन पर गंभीरता से ध्यान दें : मुख्यमंत्री बघेल

 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में कहा कि कलेक्टर मैदानी स्तर पर बेसिक एडमिनिस्टेªशन पर गंभीरता से ध्यान दें। मंत्रालय स्...



 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में कहा कि कलेक्टर मैदानी स्तर पर बेसिक एडमिनिस्टेªशन पर गंभीरता से ध्यान दें। मंत्रालय स्तर से लिए गए निर्णयों को धरातल पर पहुंचाने की जिम्मेदारी ज़िला प्रशासन पर है। जिला प्रशासन के कार्याें का आंकलन आंकड़ों से नहीं, छत्तीसगढ़ के नागरिकों को इन योजनाओं से मिलने वाले प्रत्यक्ष लाभ के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन संवेदनशीलता के साथ किया जाए। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को मिले।


राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस ऑडिटोरियम में आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में कृषि मंत्री श्री रविंद्र चौबे, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक श्री डी. एम. अवस्थी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी.पिल्ले, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सचिव श्री डी.डी. सिंह, मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव सुश्री सौम्या चौरसिया सहित प्रमुख सचिव, विभिन्न विभागों के सचिव, कमिश्नर, जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगर निगमों आयुक्त तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि राजस्व प्रशासन के कार्य सीधे तौर पर किसानों, आम नागरिकों से जुड़े हुए हैं। ज़िला प्रशासन इसे सर्वाेच्च प्राथमिकता दे। उन्होंने शासन और प्रशासन के मध्य परस्पर संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री बघेल ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगरीय प्रशासन ने बहुत बेहतर ढंग से कार्य किया, जिससे कोरोना संक्रमण की स्थिति को नियंत्रित किया जा सका। उन्होंने राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन में जिला प्रशासन की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि राज्य शासन के नवाचार के रूप में शुरू की गई योजनाओं नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मज़दूर न्याय योजना, महतारी दुलार योजना, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना, मोबाईल मेडिकल यूनिट और मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का बेहतर ढंग से क्रियान्वयन किया गया, जिसके कारण आज पूरे देश में छत्तीसगढ़ मॉडल की चर्चा पूरे देश में हो रही है।


बघेल ने कहा कि रोका छेका अभियान एक जन आंदोलन के रूप में स्थापित हुआ है। कलेक्टर यह सुनिश्चित करें रोका छेका अभियान केवल धान कटाई तक सीमित न रहे, उतेरा फसल के चक्र पूर्ण होते तक यह सतत रूप से चलता रहे। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना अंतर्गत धान के अलावा दूसरी अन्य फसलों को लेने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कृषि विभाग के समन्वय से व्यक्तिगत रुचि लेकर करें। कलेक्टर क्लस्टर चिन्हांकित कर एक-एक विकासखंड में पाइलट प्रोजेक्ट के रूप में अन्य फसलों को प्रोत्साहित करने प्रभावी कदम उठायें।


राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मज़दूर न्याय योजना छत्तीसगढ़ शासन की विशिष्ट परियोजना है। यह देश में अपने तरह की पहली योजना है। इस योजना के क्रियान्वयन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था तेज होगी। इस योजना अंतर्गत अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हों, इसके लिए ग्राम स्तर पर वृहद् प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता है। कलेक्टर इसके लिए जिला स्तर से पंचायत वार टीम बना कर मिशन मोड पर काम करें।

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