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गलीचा बुनकरों के पारिश्रमिक में होगी 10 प्रतिशत की वृद्धि , संस्कृति मंत्री भगत ने किया शबरी एम्पोरियम का निरीक्षण

  रायपुर , खाद्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने आज सरगुजा जिले के मैनपाट के कमलेश्वरपुर में छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास वोर्ड द्वारा संचालित...

 


रायपुर, खाद्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने आज सरगुजा जिले के मैनपाट के कमलेश्वरपुर में छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास वोर्ड द्वारा संचालित शबरी एम्पोरियम तथा गलीचा निर्माण का निरीक्षण किया। उन्होंने गलीचा बुनकरों की समस्याओं को सुना तथा उनकी मांग पर 10 प्रतिशत तक पारिश्रमिक में वृद्धि करने के निर्देश विभाग के अधिकारियों को दिए। 

                                

भगत ने निरीक्षण के दौरान गलीचा बुनकरों से रूबरू हुए और उनका हाल-चाल पूछा तथा गलीचा निर्माण में लगने वाले पारिश्रमिक समय एवं मिलने वाले पारिश्रमिक की जानकारी ली। बुनकरों ने बताया कि गलीचे निर्माण में मेहनत के अनुसार कम पारिश्रमिक मिल रही है जिसे बढ़ाया जाए। मंत्री भगत ने कहा कि मैनपाट का गलीचा देश-विदेश में प्रसिद्ध है। इसकी महत्ता को बनाए रखने के लिए गलीचा बुनाई केन्द्र को जीवित रखना होगा। उन्होंने कहा कि जब स्थानीय स्तर पर ही लोगों को गलीचा बुनाई का काम मिलेगा तो बनारस जाने की नौबत नहीं आएगी। इस बात को ध्यान में रखते हुए बुनकरों के पारिश्रमिक के साथ सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है। 

हस्तशिल्प बोर्ड के प्रबंधक राजेन्द्र राजवाडे ने बताया कि वर्तमान में गलीचा बुनाई केन्द्र मैनपाट में 10 बुनकरों के द्वारा गलीचा निर्माण का काम किया जा रहा है। बुनकरों के रहने के लिए निर्माण केन्द्र में ही आवास की व्यवस्था की गई है। यहां तीन बाई छः, चार बाई छः तथा छः बाई नौ साईज के गलीचे का निर्माण किया जा रहा है। अम्बिकापुर से फिनिशिंग होने के बाद रायपुर भेजा जाता है। निरीक्षण के दौरान ग्रामोद्योग विभाग के संचालक श्री सुधाकर खलखो मौजूद थे। 

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